सावधान! आपकी जेब में रखा नोट ‘रद्दी’ होने वाला है? रॉबर्ट कियोसकी ने दी महा-मंदी की चेतावनी!

देखिये बॉस, अगर आप सोच रहे हैं कि आपकी मेहनत की कमाई बैंक में पड़ी-पड़ी फूल रही है, तो ‘रिच डैड पुअर डैड’ वाले रॉबर्ट कियोसकी साहब के पास आपके लिए एक कड़वा सच है। उनका कहना है कि जिसे आप “पैसा” समझ रहे हैं, वो दरअसल सरकार द्वारा छापा गया “रंगीन कागज” है जो बहुत जल्द रद्दी के भाव बिकने वाला है।

​कियोसकी भाईसाहब ने भविष्यवाणी कर दी है कि “नकली इकोनॉमी” (Fake Economy) का गुब्बारा फटने वाला है, और जब फटेगा तो शोर नहीं, सीधा बैंक बैलेंस खाली होने की आवाज़ आएगी।

​यहाँ समझिये कि क्यों कियोसकी चांदी (Silver) बटोर रहे हैं और आपको क्या करना चाहिए।

1. सरकारी ‘नोट छापने की मशीन’ और हमारा चूना

हम और आप दिन-रात गधे की तरह मेहनत करते हैं ताकि महीने के अंत में कुछ नोट घर ला सकें। लेकिन कियोसकी कहते हैं कि सरकार और बैंक मिलकर “मनी प्रिंटिंग मशीन” ऐसे चलाते हैं जैसे गने के जूस की मशीन।

​जब सरकार बिना किसी ठोस आधार (जैसे सोना या चांदी) के नोट छापती रहती है, तो आपके 100 रुपये की औकात धीरे-धीरे 50 रुपये वाली हो जाती है। इसे ही वो “Fake Money” कहते हैं। उनके हिसाब से, “सरकार आपको लूट नहीं रही, बल्कि आपके पैसे की वैल्यू को धीरे-धीरे चाट रही है।”

2. चांदी की चमक: जब नोट फेल होंगे, तब सिक्के चलेंगे

​कियोसकी साहब आजकल चांदी के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं। उन्होंने साफ कह दिया— “मुझे चांदी की ज़रूरत नहीं है, लेकिन मुझे अपनी सरकार द्वारा बेवकूफ बनना पसंद नहीं है।” भारतीयों के लिए इसमें क्या है? हम तो शुरू से ही सोने-चांदी के दीवाने हैं। कियोसकी का मानना है कि चांदी अभी भी “आम आदमी का सोना” है।

  • सस्ता और टिकाऊ: 10 ग्राम चांदी आप कभी भी खरीद सकते हैं, लेकिन सोने के लिए किडनी बेचने की नौबत आ जाती है।
  • इंडस्ट्रियल डिमांड: फोन से लेकर सोलर पैनल तक, हर जगह चांदी की जरूरत होती है। इसे सरकार अपनी प्रिंटिंग मशीन में नहीं बना सकती।

3. 2026 की चेतावनी: संभल जाओ वरना पछताओगे!

कियोसकी के मुताबिक, जल्द ही असली तबाही (Market Crash) 2026 के आसपास आएगी। उनका कहना है कि रियल एस्टेट और शेयर बाज़ार का जो गुब्बारा अभी फूल रहा है, वो एक सुई लगते ही फट जाएगा।

बचने का देसी तरीका:

  1. बेचना सीखो (Sales Skills): अगर आप गंजे को कंघी बेच सकते हैं, तो आप मंदी में भी भूखे नहीं मरेंगे। कियोसकी कहते हैं कि स्किल्स ही असली एसेट है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सिर्फ वही लोग सरवाइव कर पाएंगे जिनके पास कोई skill है और जिनको अपना प्रोडक्ट बेचना आता है।
  2. उबर (Uber) चला लो भाई: कियोसकी ने मजाक-मजाक में बड़ी बात कह दी— अगर पैसा नहीं है, तो गाड़ी निकालो और उबर चलाओ। खाली बैठकर सरकार को गाली देने से घर नहीं चलता। उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि वह खुद “पार्टी” करने के बाद उबर ही बुलाते हैं।

4.  क्या आप ‘चांदी बाबा’ बनेंगे?

देखो भाई, दुनिया चाहे इधर की उधर हो जाए, महंगाई तो कम होने से रही। कियोसकी की बातें सुनकर डरना नहीं है, बल्कि ‘स्मार्ट’ बनना है।

​अपनी बचत को सिर्फ बैंक में मत सड़ाओ। थोड़ा सोना, थोड़ी चांदी, और थोड़ा दिमाग (Financial Knowledge) खर्च करो। जब “फेक इकोनॉमी” की लंका लगेगी, तो वही बचेगा जिसके पास असली संपत्ति होगी।

तो गुरु, क्या ख्याल है? आज ही सुनार की दुकान पर जाना है या अभी भी ‘फेक मनी’ पर ही जान छिड़कनी है? कमेंट में बताओ!

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