दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना 2025 : Loan for Handicapped Persons

नमस्ते दोस्तों! क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सोचते हैं कि ‘लोन लेना’ मतलब पहाड़ तोड़ने जैसा काम है? और अगर आप दिव्यांग हैं, तो शायद आपको लगता होगा कि बैंक के चक्कर काटते-काटते चप्पलें घिस जाएंगी। लेकिन ठहरिए! आज हम एक ऐसी योजना के बारे में बात करने वाले हैं जो न सिर्फ आपके सपनों को पंख देगी, बल्कि आपकी जेब पर बोझ भी नहीं डालेगी।

जी हां, हम बात कर रहे हैं “दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना” (DIVYANGJAN SWAVALAMBAN YOJANA) की। यह योजना नेशनल दिव्यांगजन फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NDFDC) द्वारा चलाई जा रही है। तो चलिए, कुर्सी की पेटी बांध लीजिए, क्योंकि हम इस योजना की गहराई में जाने वाले हैं—वो भी पूरी प्रामाणिकता के साथ!

​1. दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना क्या है? (What is this Scheme?)

​सरल शब्दों में कहें तो, यह सरकार की ओर से दिया जाने वाला एक ऐसा ‘जादुई’ ऋण है, जिसका ब्याज दर इतना कम है कि आपको यकीन ही नहीं होगा। इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है। चाहे आप अपना छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हों, उच्च शिक्षा पाना चाहते हों या अपने वाहन को अपने अनुकूल (Disabled-friendly) बनवाना चाहते हों—यह योजना हर मोड़ पर आपके साथ है।

​2. कौन-कौन ले सकता है यह लोन? (Eligibility Criteria)

​अब आप सोच रहे होंगे, “क्या मैं इसके लिए योग्य हूँ?” तो भाई, इसके नियम बहुत साफ़ हैं:

  • भारतीय नागरिकता: सबसे पहले तो आपका भारतीय होना अनिवार्य है।
  • विकलांगता का प्रतिशत: आपकी विकलांगता 40% या उससे अधिक होनी चाहिए (PwD Act, 2016 के अनुसार)।
  • उम्र की सीमा: * सामान्य तौर पर आपकी उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
    • ​मानसिक मंदता (Mental Retardation) के मामले में, उम्र 14 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
    • मजेदार बात: शिक्षा ऋण (Education Loan) के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है! यानी पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती, सरकार भी यह मानती है।
    है।
    • UDID कार्ड: आपके पास यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) नंबर होना जरूरी है। (अगर नहीं है, तो आज ही बनवा लें, यह आधार कार्ड जितना ही जरूरी है!)

​3. लोन का पैसा कहाँ-कहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं? (Purpose of Loan)

​सरकार आपको पैसे सिर्फ जेब गरम करने के लिए नहीं दे रही है। आप इस लोन का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए कर सकते हैं:

  1. व्यवसाय शुरू करने के लिए: कोई भी ऐसी गतिविधि जिससे आपकी आय बढ़े और आप सशक्त बनें।
  1. उच्च शिक्षा के लिए: 12वीं कक्षा के बाद ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेज्युएशन या कोई प्रोफेशनल कोर्स करने के लिए।
  1. कौशल विकास (Skill Development): ITI, डिप्लोमा या कोई भी ऐसा कोर्स जो आपको नौकरी दिलाने या खुद का काम शुरू करने में मदद करे।
  1. सहायक उपकरण खरीदना: अपनी गाड़ी को मोडिफाई करवाना हो या कोई विशेष मशीन लेनी हो, सरकार इसमें आपकी मदद करेगी।

​4. ब्याज दरें: जो आपके दिल को छू लेंगी (Interest Rates)

​अब आते हैं सबसे जरूरी हिस्से पर—’ब्याज’। सामान्य बैंकों में लोन के नाम पर जो ‘करंट’ लगता है, यहाँ वो बहुत हल्का है। ब्याज की दरें सालाना (Per Annum) कुछ इस तरह हैं:

​क. स्व-रोजगार और होम लोन के लिए ब्याज दरें:

दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना: ब्याज दर तालिका
क्रम संख्या ऋण राशि (रुपये में) ब्याज दर (सालाना)
1 50,000 तक 5%
2 50,000 से 5 लाख तक 6%
3 5 लाख से 15 लाख तक 7%
4 15 लाख से 30 लाख तक 8%
5 30 लाख से 50 लाख तक 9%

विशेष छूट (Rebate): अगर आप महिला दिव्यांग हैं या आपकी विकलांगता OH (Orthopedically Handicapped) के अलावा किसी और श्रेणी में है, तो 50,000 रुपये तक के लोन पर आपको 1% की अतिरिक्त छूट मिलेगी। यानी ब्याज और भी कम!

​ख. शिक्षा ऋण (Education Loan):

​चाहे आप भारत में पढ़ें या विदेश में, 50 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज दर मात्र 4% है। (इतने सस्ते में तो आजकल मोबाइल का रिचार्ज भी नहीं होता!)

​5. लोन की अधिकतम सीमा और वापसी (Loan Limit & Repayment)

  • अधिकतम राशि: एक व्यक्ति या यूनिट को अधिकतम 50 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है।
  • वापसी का समय: आपको लोन चुकाने के लिए 10 साल तक का लंबा समय मिलता है।
  • प्री-पेमेंट: अगर आपकी लॉटरी लग गई या बिजनेस अच्छा चल निकला और आप जल्दी पैसा चुकाना चाहते हैं, तो कोई एक्स्ट्रा चार्ज (Prepayment charges) नहीं लगेगा।

​6. जरूरी दस्तावेज और सुरक्षा (Security & Documents)

​लोन के लिए आपको कुछ सुरक्षा (Security) या गारंटी देनी पड़ सकती है। साथ ही, कार्यान्वयन एजेंसियां (Implementing Agencies) आपके परिवार के किसी सदस्य को सह-आवेदक (Co-applicant) बनाने की सलाह दे सकती हैं ताकि लोन प्रक्रिया और मजबूत हो सके।

एक बहुत ही मानवीय नियम: भगवान न करे, लेकिन यदि लोन अवधि के दौरान लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो मृत्यु की तारीख से उसका ब्याज माफ कर दिया जाता है।

​7. आवेदन कैसे करें? (How to Apply)

​प्रक्रिया बहुत सीधी है। आपको अपने क्षेत्र की कार्यान्वयन एजेंसी (Implementing Agency) या स्टेट चैनलाइजिंग एजेंसी (SCA) के पास निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा करना होगा। आप अपने नजदीकी राष्ट्रीयकृत बैंकों (जैसे PNB, IDBI) से भी इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं।

​दोस्तों, दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना केवल एक लोन स्कीम नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। अगर आपमें हुनर है और आप कुछ कर दिखाना चाहते हैं, तो फंड की कमी अब आपकी राह का रोड़ा नहीं बनेगी।

​तो देर किस बात की? अपने सपनों की फाइल तैयार कीजिए, UDID कार्ड साथ रखिए और स्वावलंबन की इस यात्रा पर निकल पड़िए। याद रखिए, आपकी हिम्मत ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है!

⚠️
सावधान और सतर्क रहें!

किसी भी बिचौलिए या फर्जी वेबसाइट के झांसे में न आएं। यह आपके वित्तीय डेटा के लिए हानिकारक हो सकता है। आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी के लिए हमेशा NDFDC की आधिकारिक वेबसाइट या निकटतम सरकारी कार्यालयों से ही संपर्क करें।

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