नमस्ते दोस्तों!
क्या आपने कभी सोचा था कि आपकी विदेश यात्रा की रंगीन यादें—वो एफिल टावर के सामने वाली सेल्फी, दुबई के बुर्ज खलीफा के पास वाली रील, या लंदन की ठंडी गलियों में घूमना—सिर्फ आपकी गैलरी में नहीं, बल्कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ‘नजर’ में भी कैद हो रही हैं? जी हां, अगर आप हाल ही में विदेश घूमकर आए हैं या आप एक NRI (Non-Resident Indian) हैं, तो ये ब्लॉग आपके लिए बहुत जरूरी है।

हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट ने तहलका मचा दिया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उन लोगों को “NUDGE 2.0” के तहत मैसेज और ईमेल भेजने शुरू कर दिए हैं, जिन्होंने विदेश में संपत्ति (Foreign Assets) रखी है या वहां से कमाई की है, लेकिन अपने टैक्स रिटर्न (ITR) में उसका जिक्र करना ‘भूल’ गए हैं।
अब आप सोच रहे होंगे, “अरे भाई, मैंने तो बस एक बर्गर खाया था न्यूयॉर्क में, क्या उसका भी हिसाब देना होगा?” चलिए, इस गंभीर विषय को थोड़ा मजेदार अंदाज में समझते हैं।
1. इनकम टैक्स का ‘लव लेटर’: आखिर ये माजरा क्या है?
कल्पना कीजिए, आप सुबह-सुबह सुकून से चाय पी रहे हैं और अचानक फोन पर ‘टिंग’ की आवाज आती है। आप सोचते हैं किसी दोस्त का ‘Good Morning’ होगा, लेकिन वहां लिखा है— “प्रिय करदाता, हमारे पास खबर है कि आपके पास विदेशी संपत्ति है। कृपया इसे अपडेट करें।”
बस! चाय का घूंट गले में ही अटक जाता है।
दरअसल, भारत सरकार को विदेशों से डेटा मिला है (जिसे ‘Automatic Exchange of Information’ कहते हैं)। अब डिपार्टमेंट के पास पूरी लिस्ट है कि किसके पास स्विट्जरलैंड में खाता है, किसके पास दुबई में फ्लैट है और किसने अमेरिका में शेयर्स खरीदे हैं।
मजेदार बात ये है कि इस बार ये नोटिस उन लोगों को भी मिल रहे हैं जो बेचारे सिर्फ ‘हॉलिडे’ मनाने गए थे। टैक्स डिपार्टमेंट आजकल उस मोहल्ले की आंटी की तरह हो गया है, जिसे ये तो पता है कि आपके घर में नया टीवी आया है, बस वो ये कन्फर्म करना चाहती है कि पैसा कहां से आया!
2. NRI बेचारे… बिना बात के फंसे!
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा सिरदर्द NRIs के लिए हुआ है। कई ऐसे भारतीय भाई-बहन हैं जो सालों से विदेश में रह रहे हैं। उन्होंने अपना ITR तो भरा, लेकिन गलती से अपना स्टेटस ‘Resident’ (भारतीय निवासी) ही रहने दिया।
अब डिपार्टमेंट का सिस्टम कहता है— “भैया, तुम तो कह रहे हो तुम भारत में रहते हो, फिर ये अमेरिका वाला बैंक अकाउंट किसका है? चोरी पकड़ी गई!”
NRIs के लिए सलाह सिंपल है: घबराएं नहीं, बस अपना स्टेटस सही करें। ये वैसा ही है जैसे आप शादीशुदा हों लेकिन फेसबुक पर ‘Single’ लिख रखा हो—गड़बड़ तो होगी ही ना!
3. ‘घूमने वाले’ भी रडार पर?
अहमदाबाद के टैक्स एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि कई ऐसे लोगों को भी अलर्ट मिला है जिन्होंने सिर्फ विदेश यात्रा की थी और उनके पास कोई संपत्ति नहीं है।
अगर आपने विदेश में जाकर सिर्फ पैसे खर्च किए हैं, तो डरने की बात नहीं है। लेकिन अगर आपने वहां बैंक अकाउंट खुलवा लिया था या किसी कंपनी के स्टॉक्स खरीद लिए थे, तो भाई साहब… ‘शिड्यूल फॉरेन एसेट्स’ (Schedule FA) भरना अनिवार्य है।
इसे ऐसे समझिए: अगर आपने पड़ोस की शादी में जाकर सिर्फ खाना खाया है, तो कोई बात नहीं। लेकिन अगर आप वहां से शगुन का लिफाफा भी घर ले आए हैं, तो हिसाब तो देना पड़ेगा!
4. 31 दिसंबर: आपकी ‘डेडलाइन’ या ‘डेथ-लाइन’?
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बहुत प्यार से (और थोड़े डराने वाले अंदाज में) कहा है कि अगर आपसे गलती हुई है, तो 31 दिसंबर तक अपना ‘Revised Return’ या ‘Updated Return’ भर दें।
31 दिसंबर के बाद नया साल तो आएगा, लेकिन साथ में भारी जुर्माना और कानूनी पेचीदगियां भी आ सकती हैं। तो भाई, पार्टी की प्लानिंग बाद में करना, पहले टैक्स का पोर्टल चेक कर लो। वरना नए साल पर ‘Happy New Year’ की जगह ‘Income Tax Notice’ की बधाई मिलेगी।
5. कुछ मजेदार स्थितियां
- सीन 1: संजू ने दुबई में 100 रुपये का एक ‘लॉटरी टिकट’ खरीदा था। अब उसे डर लग रहा है कि कहीं उसे ‘विदेशी निवेशक’ मानकर जेल न भेज दिया जाए। संजू भाई, शांति रखो! ऐसा कुछ नहीं होगा।
- सीन 2: मिस्टर गुप्ता का बेटा कनाडा में है। गुप्ता जी ने बेटे को 50 हजार रुपये भेजे थे। अब नोटिस देखकर गुप्ता जी सोच रहे हैं कि कहीं सरकार ये तो नहीं समझ रही कि उन्होंने कनाडा में पूरा ‘टिम हॉर्टन्स’ ही खरीद लिया है? अपनी पैसे ट्रांसफर वाली रसीद संभाल कर रखिए।
- सीन 3: एक NRI साहब ने गलती से ITR में खुद को ‘Resident’ दिखा दिया। अब डिपार्टमेंट उनसे पूछ रहा है, “सर, अगर आप भारत में ही हैं, तो ये डॉलर में सैलरी कौन दे रहा है? जादुई पेड़ लगा रखा है क्या?” कुछ नहीं होगा बस Income Tax की वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस NRI कर दीजिए।
6. एक्सपर्ट की सलाह (Serious Talk)
टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल और सीए करीम लखानी का कहना है कि ये ‘Nudge’ (यानी हल्का सा धक्का) इसलिए है ताकि आप अपनी गलती सुधार सकें।
- अगर आपके पास विदेशी बैंक खाता, शेयर, या बीमा पॉलिसी है, तो उसे जरूर दिखाएं।
- भले ही खाते में बैलेंस ‘जीरो’ हो, फिर भी उसे रिपोर्ट करना जरूरी है। भारत का ‘Black Money Act’ बहुत सख्त है।
- NRIs को अपना स्टेटस तुरंत अपडेट करना चाहिए।
7. निष्कर्ष: सावधानी हटी, इनकम टैक्स की ‘पकौड़ी’ बंटी!
तो दोस्तों, सार ये है कि अब जमाना बदल गया है। सरकार के पास आपकी हर ‘विदेशी हरकत’ की खबर है। चाहे आप थाइलैंड में मसाज करा रहे हों या न्यूयॉर्क में वॉल स्ट्रीट देख रहे हों, डेटा कहीं न कहीं रिकॉर्ड हो रहा है।
अगर आपको भी ऐसा कोई मैसेज मिला है, तो पसीने मत छोड़िए। अपने सीए (Chartered Accountant) के पास जाइए, उसे सच-सच बताइए (डॉक्टर और सीए से कुछ नहीं छिपाना चाहिए), और अपना रिटर्न सही कर लीजिए।
विदेश घूमना अच्छी बात है, यादें बनाना भी अच्छी बात है, लेकिन उन यादों में ‘टैक्स की चोरी’ का दाग मत लगने दीजिए।
बोनस टिप: अगली बार विदेश जाएं, तो सिर्फ फोटो ही नहीं, अपने बैंक स्टेटमेंट और टैक्स रेजिडेंसी सर्टिफिकेट का भी ख्याल रखें!
Disclaimer: यह ब्लॉग केवल सूचनात्मक और मनोरंजन के उद्देश्य से है। टैक्स संबंधी कानूनी सलाह के लिए हमेशा एक प्रोफेशनल सीए से संपर्क करें।
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