LIC को लगा ₹11,460 करोड़ का ‘झटका’
भारतीय शेयर बाजार के दिग्गजों के लिए पिछला कुछ समय काफी उथल-पुथल भरा रहा है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), जिसे बाजार का सबसे बड़ा संस्थागत निवेशक माना जाता है, उसे महज 2 दिनों के भीतर 11,460 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान झेलना पड़ा है।
इस झटके ने न केवल LIC के निवेशकों को चौंका दिया है, बल्कि दलाल स्ट्रीट पर भी हलचल मचा दी है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि महज 48 घंटों में LIC की इतनी बड़ी दौलत स्वाहा हो गई? चलिए विस्तार से समझते हैं।
नुकसान की अवधि
48 कार्य घंटे
पोर्टफोलियो डेंट
₹11,460 करोड़
गिरावट का असली कारण: टैक्स की मार
जब सरकारी कैंची ने निवेशकों की जेब काट दी…
बाजार में आई इस गिरावट की मुख्य वजह वित्त मंत्रालय द्वारा सिगरेट पर लगने वाले NCCD (National Calamity Contingent Duty) में की गई भारी बढ़ोतरी है। इस घोषणा ने सीधे तौर पर ITC के कोर बिजनेस मॉडल पर प्रहार किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स में इस अचानक बढ़ोतरी से कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा। यही वजह रही कि शेयर बाजार में LIC जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों को भारी बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा।
सिगरेट प्रेमियों की जेब पर प्रहार 🚬
Impact on Retail Consumers
टैक्स में बढ़ोतरी के बाद, ITC के लिए अब अपनी पुरानी कीमतों पर टिके रहना लगभग नामुमकिन है। कंपनी अपनी Profitability को बनाए रखने के लिए कीमतों में संशोधन करने की तैयारी में है। इसका मतलब है कि गोल्ड फ्लैक (Gold Flake) से लेकर क्लासिक (Classic) तक, हर कश अब और महंगा होने वाला है।
| कैटेगरी | अनुमानित बढ़ोतरी | पॉकेट इम्पैक्ट |
|---|---|---|
| स्मॉल फिल्टर्ड (64mm) | + ₹1.00 | Moderate |
| रेगुलर किंग (74mm) | + ₹2.50 | High |
| लॉन्ग/प्रीमियम (84mm) | + ₹5.00 | Severe |
💡 विशेषज्ञ सलाह: स्टॉक मार्केट के नजरिए से, कीमतों में बढ़ोतरी मांग को प्रभावित कर सकती है, जो भविष्य में ITC के ‘Volume Growth’ के लिए चुनौती बन सकती है।
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LIC का पोर्टफोलियो गणित 📊
The Arithmetic of a Mega Loss
ITC में 15.86% हिस्सेदारी के साथ, LIC इस कंपनी के सबसे बड़े स्तंभों में से एक है। यही कारण है कि ITC के शेयर में आने वाली मामूली हलचल भी LIC की तिजोरी पर बड़ा असर डालती है। इस बार, यह हलचल नहीं बल्कि एक बड़ा ‘मार्केट क्रैश’ था।
जब ITC का मार्केट कैप गिरता है, तो LIC की नेट वर्थ में सीधे तौर पर गिरावट आती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट की भरपाई होने में समय लग सकता है, क्योंकि मार्केट अब सिगरेट बिजनेस के बजाय ITC के ‘होटल डिमर्जर’ और ‘FMCG’ ग्रोथ पर नजर गड़ाए हुए है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
💡 एक्सपर्ट की सलाह (The Verdict)
जल्दबाजी में पैनिक सेलिंग (Panic Selling) न करें। यदि आपका नजरिया 1-2 साल का है, तो LIC की तरह आप भी इस गिरावट को ‘Buy on Dips’ की रणनीति के रूप में देख सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कृपया निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा करें।)
अंतिम शब्द (The Verdict)
ITC का यह क्रैश अल्पकालिक (Short-term) झटके जैसा लग सकता है, लेकिन LIC जैसे बड़े खिलाड़ी जानते हैं कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियां गिरकर संभलना जानती हैं। अगर आप एक निवेशक हैं, तो नजरिया लंबा रखें। और अगर आप एक उपभोक्ता हैं, तो अपने बजट को नए टैक्स स्लैब के अनुसार प्लान करना शुरू कर दें।
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